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गुरुवार, 31 जुलाई 2014

खामोश जी रहा था सफर …














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खुद चल के रौशनी मेरे , दर तलक आई
खामोश जी रहा था सफर , लो आई रोशनाई
खामोश जी रहा था सफर  …
कुछ बिखरी यादें कुछ , उलटी सीधी बातें
तन्हां लम्बी सी रातें , महफ़िल सजाने आई
खामोश जी रहा था सफर  …
जाले सख्त जॉन दीवारें , टूटे पाये गये बस्ते
दर्द गर्द सर्द हवा , सभी सैरगाह को आई
खामोश जी रहा था सफर  …
लहू चीखा आँसू सूखे , टपका टपका आहें
किश्तों में कत्ल जिसने किया , उसकी ना मौत आई
खामोश जी रहा था सफर  …
हमने सजाया ऐसे घर , सपनें जगा जगा
दामन में कंदील के , रंग लाई रोशनाई
खामोश जी रहा था सफर  …
किसने दीया जला के किया , रोशन जहान को
फिर से कोई तारा टुटा , या उम्मीद जगमगाई
खामोश जी रहा था सफर  …
#सारस्वत
10092003 

बुधवार, 30 जुलाई 2014

तीज का त्यौहार









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सावन पे खुमार आया
बारिश की फुंहार लाया
आया आया आया प्यारा
तीज का त्यौहार

देखो बातो बातों में
मेंहदी रच गई हाथों में
चूड़ी चुनरी रंग महकाया
तीज का त्यौहार
आया आया आया प्यारा
तीज का त्यौहार

झूले पड़ गए बगिया में
होड़ लगी है कलियों में
खुशियों की बहार लाया
तीज का त्यौहार
आया आया आया प्यारा
तीज का त्यौहार

#सारस्वत
30072014 

शनिवार, 26 जुलाई 2014

सोच को लिखोगे तो , कलम बद्ध कर जाओगे

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लिखने के लिए सोचोगे तो , सोचते रह जाओगे
सोच को लिखोगे तो , कलम बद्ध कर जाओगे

सीधी सरल सरिता सी , जीवन की धारा नहीं है
अंतःचक्षु बिंदु खोलो , जीवन को समझ जाओगे
सोच को लिखोगे तो ...

टेढ़ी मेढ़ी राहों के , पथरीले पथ पर है मंजिल
रुको नहीं चलो , लक्ष्य पर भी पहुंच जाओगे
सोच को लिखोगे तो ...

जिस दिन दृढ़ निश्चयी , आदित्य से सीख लोगे
हार को गले का हार बनाना , जीतना सीख जाओगे
सोच को लिखोगे तो ...

बहुत कुछ लिख रहा है , जीवन छण प्रतिछण
नहीं पढ़ पाये इस जनम , तो कोरे रह जाओगे
सोच को लिखोगे तो ...

#सारस्वत
26072014 

शुक्रवार, 25 जुलाई 2014

तू ही आदि .. तू ही अन्नंत .. श्रष्टि के पालनहार


















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तू ही आदि .. तू ही अन्नंत .. श्रष्टि के पालनहार ,
कण कण में .. तेरा डेरा बसेरा .. तू ही तारणहार ,

जल में,थल में .. नभ में पवन में ..  तेरी महिमां अपरम्पार ,
ह्र्दय ज्योति में .. प्रकाश दीप में .. तेरा ही संचार ,

चरण शरण में .. ध्यान रहे सदा .. ऐसा दो उपहार ,
जीवन दाता .. भाग्य विधाता .. कर दो तुम उपकार ,

नत मस्तक .. शाष्टांग वन्दना .. प्रणाम करो स्वीकार
ज्ञान ध्यान  ..  रहे श्री चरणों में  ..  प्रसाद में देदो प्यार
#सारस्वत
26022014

मंगलवार, 22 जुलाई 2014

जै शिव सुन्दर नम:शिवाये






















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नम:शिवाये .
नम:शिवाये .
जै शिव शंकर नम: शिवाये
जै शिव सुन्दर नम: शिवाये
जै करुणाकर नम:शिवाये
जै गंगाधर नम:शिवाये
ॐ नम:शिवाये
ॐ नम:शिवाये
ॐ नम:शिवाये

देवादि देव आदिदेव महादेव नम: शिवाय
कृतयुग योगी कालरुद्र जगकल्याणक महेश्वराय
शांति सेतु योगाधिपति प्रबर्ह्मरूपा परमेश्वराय
नम: शिवाये . नम: शिवाये .
जै शिव शंकर नम: शिवाये

मंगल कारक विघ्नविनाशक नीलकंठ संकट के नाशक
जै हट योगी रमता जोगी आदिअन्न्ता हे अविनाशक
जटाजूट गंगा श्रीचन्द्र्र अंगराग भस्मी जगपालक
नम: शिवाये . नम: शिवाये .
जै शिव शंकर नम: शिवाये

प्रलयंकरकारी भयंकरभारी त्रिशूलधारी नम: शिवाय
नंदी सवारी नागेश्वरधारी हे डमरूधारी नम: शिवाय
दीनानाथ विश्वनाथ हे कालाशी त्रिपुरारी नम: शिवाय
नम: शिवाये . नम: शिवाये .
जै शिव शंकर नम: शिवाये
#सारस्वत
05082013 

शनिवार, 19 जुलाई 2014

जिंदगी











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किस बेख्याली में जी रहा है तू जिंदगी
दोबारा मिलने वाली नहीं तुझे ये जिंदगी
किस बेख्याली में  …
खर्च करने से पहले सोच भी लिया कर
साँसो की उधारी पर जीता है तू जिंदगी
किस बेख्याली में  …
हासिल क्या होगा आईने को तोड़ कर
सुरत में नहीं है सीरत में है ये जिंदगी
किस बेख्याली में  …
तेरा ख्यालों की पतंगें उड़ाना फ़ुज़ूल है
हक़ीक़त की सख्त ज़मीन है ये जिंदगी
किस बेख्याली में  …
मायूसियों से मंजिलों का क्या है वास्ता
हौसलों से जीया तो जीत लेगा तू जिंदगी
किस बेख्याली में  …
#सारस्वत
19072014 

मंगलवार, 15 जुलाई 2014

बेटी के लिए "दुआ"


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मासूम नज़र को नज़र ना लगे दुआ करूँगा 
खुशियों की ना कोई टूटे माला दुआ करूँगा 
मासूम नज़र को नज़र ना लगे  … 

मेरी कोशिश हमेशा बद'नजर से बचाने की 
टूट कर बिखर ना जाओ यही दुआ करूँगा 
मासूम नज़र को नज़र ना लगे  … 

मिलना और बिछुड़ना तो दस्तुर ऐ दुनिया है 
धड़कते दिल से याद करें अपने दुआ करूँगा 
मासूम नज़र को नज़र ना लगे  … 

सांसो का भरोसा नहीं कब थक के बैठ जायें 
जिंदगी मरने पे आंसू न लाये दुआ करूँगा 
मासूम नज़र को नज़र ना लगे  … 

#सारस्वत 
15102013

रविवार, 6 जुलाई 2014

रिश्तों के नाम पर





















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जिंदगी की राह में मिलते यहाँ तरहा तरहा के लोग
रिश्तों के नाम पर खेलते यहाँ तरहा तरहा के लोग

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मोहब्बत की राहों में आजकल बेहयाई का राज है
तोड़ता है दिल यहाँ पर वही जो शातिर अंदाज़ है
सजाते है दुकान'ऐ,दिल यहाँ तरहा तरहा के लोग
रिश्तों के नाम पर खेलते यहाँ  …
जो कहते थे जी नहीं पाएंगे एक पल तुम्हारे बिना
जो लड़ते थे बे-लाग सारी रात किसी बात के बिना
बतंगड वही सब बनाते हैं यहाँ तरहा तरहा के लोग
रिश्तों के नाम पर खेलते यहाँ  …
हमने देखा है यहाँ नीमबाज़ आखों को भी रोते हुये
नजरें बचाकर निकलते गुरबते'इश्क शर्मिंदा होते हुए
बड़े शौंक से दिल तोड़ते हैं यहाँ तरहा तरहा के लोग
रिश्तों के नाम पर खेलते यहाँ  …
#सारस्वत
15072013


बुधवार, 2 जुलाई 2014

ख़ामोशी















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ख़ामोशी में भी ख़ामोश , कहाँ रहती हैं ख़ामोशी
यादों की हो बरसात तो , शौर करती हैं ख़ामोशी

वो फुर्सत के लम्हों की , खुबसूरत प्यारी सी बातें
आज भी फुर्सत के पलों में , तोड़ देती हैं ख़ामोशी

वो बालों को सहलाना तेरा , वो प्यारा सा गीत गाना
हवा की हो सरसराहट तो ,  गुनगुनाती हैं ख़ामोशी

वो धीरे से मुस्कुराना तेरा , वो खुशबु सा महक जाना
और मचल कर लिपट जाना , याद दिलाती हैं ख़ामोशी
#सारस्वत
02072014