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बुधवार, 31 मई 2017

मित्र की मित्रता

मित्रता में होता है घनिष्टता का पर्याय आत्मीयता
पूर्वाग्रह युक्त सम्भावनाओं के निमित्त मित्र नहीं होता 

मित्र सखा यार साथी मीत सहचर संगी अनुरागी प्रीत 
परस्पर व्यवहार से अपनत्व भरा भाव जाग्रत है होता 

मित्रता की व्यवस्था में होती है सम्बन्धों में सघनता 
मित्र की मित्रता में अनुबंद का कोई प्रबंदन नहीं होता 

साहस स्वभाव का नाम ही मित्र प्रण प्राण धैर्य नाम है 
मित्र की मित्रता में ध्रष्टता का कोई छंद बंद नहीं होता 

पक्ष विकपक्ष का कोई भी अर्थ नहीं होता है मित्रता में 
जो भी होता है ह्रदय तरंगो के समक्ष प्र्त्यक्क्ष है होता  

दो-कड़ी की मैत्रीक माला होती है विश्वास का प्रतिज्ञापत्र 
मित्र की मित्रता में आत्मबल का संयुक्ताक्षर है होता 
#सारस्वत 
31052017